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Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण वाक्य संशोधन
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण वाक्य संशोधन अशुद्ध वाक्य – शुद्ध वाक्य रमेश ने अपनी आत्मकथा लिखी है। रमेश ने आत्मकथा लिखी है। सोहन एक योग्य और अनुभवी शिक्षक हैं। – सोहन योग्य एवं अनुभवी शिक्षक हैं। उन्होंने भाषण दिया। – उन्होंने भाषण किया। यह बड़ी छोटी बात है।। – यह बहुत छोटी बात है। संजय अपने घर को जा रहा है। – संजय अपने घर जा रहा है। वह चस्खा चला रहा है। – वह सूत कात रहा है। सावित्री विलाप कर रो रही है। – सावित्री विलाप कर रही है। मेरी सविनयपूर्वक प्रार्थना को उसने ठु
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Feb 21, 20255 min read
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण मुहावरे
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण मुहावरे ‘मुहावरा’ से क्या तात्पर्य है? इसके सटीक प्रयोग का अर्थ सोदाहरण समझाएँ। ‘मुहावरा’ का शाब्दिक अर्थ ‘रोजमर्रा’, ‘बोलचाल’ या किसी भाषा के वाक्यों का वैसा प्रयोग जिसका चालू अर्थ कुछ होता है और इशारे का अर्थ कुछ और। उदाहरण के लिए, ‘आँख आना’ और ‘लाल खाना’ जैसे प्रयोगों को देखा जा सकता है। ‘आँख आना’ का चालू अर्थ है ‘आँख का चलकर आना’ पर आँख सफर तो करती नहीं, अत्तः इसका अर्थ है ‘आँख में दर्द और कचकन के साथ लालीवाले रोग का होना’। इसी प्रकार
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Feb 21, 202526 min read
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण मुहावरे
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण मुहावरे ‘मुहावरा’ से क्या तात्पर्य है? इसके सटीक प्रयोग का अर्थ सोदाहरण समझाएँ। ‘मुहावरा’ का शाब्दिक अर्थ ‘रोजमर्रा’, ‘बोलचाल’ या किसी भाषा के वाक्यों का वैसा प्रयोग जिसका चालू अर्थ कुछ होता है और इशारे का अर्थ कुछ और। उदाहरण के लिए, ‘आँख आना’ और ‘लाल खाना’ जैसे प्रयोगों को देखा जा सकता है। ‘आँख आना’ का चालू अर्थ है ‘आँख का चलकर आना’ पर आँख सफर तो करती नहीं, अत्तः इसका अर्थ है ‘आँख में दर्द और कचकन के साथ लालीवाले रोग का होना’। इसी प्रकार
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Feb 21, 202526 min read
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण अनेक शब्दों के लिए एक शब्द
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण अनेक शब्दों के लिए एक शब्द जो ईश्वर में विश्वास करता है – आस्तिक। जो ईश्वर में विश्वास नहीं करता है। – नास्तिक। जो किसी के किए गए उपकार को नहीं मानता – कृतघ्न। जो सारी जनता के लिए हो। – सार्वजनिक। जो मोक्ष की इच्छा रखता है – मुमुक्षु। जिसके पास धन न हो – निर्धन। मध्य रात्रि का समय – अर्द्धरात्रि। जिसका कोई सहायक न हों – निःसहाय। जो सब कुछ जानता हो – सर्वज्ञ। जो दूसरों के लिए बोलता है – प्रतिनिधि। जो सब जगह है – सर्वव्यापी। जो तीनों कालों क
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Feb 21, 20253 min read
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण लिंग
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण लिंग 1. संज्ञा – पद के ‘लिंग’ से क्या तात्पर्य है? इसके कितने भेद हैं?संज्ञा के जिस रूप से किसी व्यक्ति अथवा वस्तु की स्त्री या पुरुष जाति का बोध हो उसे पुरुष ‘लिंग’ कहते हैं। संज्ञा के ‘स्त्रीलिंग’ अथवा ‘पुल्लिग’ होने से उसके स्त्रीवर्ग अथवा पुंवर्ग के होने का बोध होता है। ‘लिंग’ के भेद – हिन्दी भाषा में लिंग के दो भेद माने गए हैं – स्त्रीलिंग और पुलिंग। जो शब्द – रूप संज्ञा के स्त्रीवर्ग के होने की सूचना देते हैं. उन्हें स्त्रीलिंग कहा ज
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Feb 21, 202516 min read


Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण विलोम या विपरीतार्थक शब्द
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण विलोम या विपरीतार्थक शब्द निम्नलिखित शब्द विपरीतार्थक हैं; क्योंकि ये अपने सामनेवाले शब्द के सर्वदा विपरीत अर्थ प्रकट करते हैं। यहाँ ध्यान देने की बात यह है कि संज्ञाशब्द का विपरीतार्थक संज्ञा हो और विशेषण का विपरीतार्थक विशेषण। (अ, आ) (इ, ई, उ, ऊ, ए, ऐ, ऋ) (क) (ख, ग) (घ) (च, छ) (ज, झ) (त, थ, द, ध) (न) (प) (ब, भ) (म) (य, र, ल) (व) (स) (श, ह, क्ष)
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Feb 21, 20251 min read
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण अनेकार्थक शब्द
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण अनेकार्थक शब्द हिन्दी में कुछ ऐसे शब्द प्रयोग में आते हैं जिनके अनेक अर्थ होते हैं। ये भिन्न–भिन्न प्रसंगों के अनुसार गृहीत हैं। कुछ शब्दों का सूची इस प्रकार है– शब्द – अर्थ अर्थ – धन, मतलब, कारण, लिए। अक्ष – आँख, सर्प, ज्ञान, मण्डल, रथ, चौसर का पासा, धुरी, पहिया, आत्मा, कील। अपवाद– कलंक, वह प्रचलित प्रसंग, जो नियम के विरुद्ध हो। अतिथि– मेहमान, साधु, यात्री, अपरिचित व्यक्ति। अरुण– लाल, सूर्य, सूर्य का सारथी। आपत्ति– विपत्ति, एतराज। उत्तर –
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Feb 21, 20252 min read
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण एकार्थक शब्द
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण एकार्थक शब्द अहंकार– मन का गर्व। झूठे अपनेपन का बोध। दर्प– नियम के विरुद्ध काम करने पर भी घमण्ड करना। अभिमान–प्रतिष्ठा में अपने को बड़ा और दूसरे को छोटा समझना। घमण्ड–सभी स्थितियों में अपने को बड़ा और दूसरे को हीन समझना। अनुग्रह–कृपा। किसी छोटे से प्रसन्न होकर उसका कुछ उपकार या भलाई करना। अनुकम्पा–बहुत कुछ।किसी के दुःख से दु:खी होकर उसपर की गयी दया। अनुरोध–अनुरोध बराबर वालों से किया जाता है। प्रार्थना–ईश्वर या अपने से बड़ों के प्रति इच्छापू
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Feb 21, 20254 min read
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण पर्यायवाची शब्द
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण पर्यायवाची शब्द पर्यायवाची शब्द को ‘प्रतिशब्द’ भी कहते हैं। अर्थ की दृष्टि से शब्दों के अनेक रूप हैं; जैसे––पर्यायवाची शब्द, युग्म शब्द, एकार्थक शब्द, विपरीतार्थक शब्द मंत्रोचरितप्राय शब्द इत्यादि। जिन शब्दों के अर्थ में समानता हो, उन्हें ‘पर्यायवाची शब्द’ कहते हैं। किसी भी समृद्ध भाषा में पर्यायवाची शब्दों की अधिकता रहती है। जो भाषा जितनी ही सम्पन्न होगी, उसमें पर्यायवाची शब्दों की संख्या उतनी ही अधिक होगी। संस्कृत में इनकी अधिकता है। हिन
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Feb 21, 20253 min read
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण कोशीय और व्याकरणिक शब्द
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण कोशीय और व्याकरणिक शब्द कोशीय और व्याकरणिक शब्द शब्दों के अर्थज्ञान में व्याकरण का स्थान बड़े महत्व का है। कोशों से भी इनका अधिक महत्व और मूल्य है। कोश में किसी शब्द की प्रत्येक विभक्ति या काल के रूप नहीं लिखे जाते। यहाँ शब्द का मूलरूप रहता है और उसी का अर्थ दिया जाता है। मूलशब्द से बने या निकले रूपों का अर्थ व्याकरण की सहायता से ही जाना जा सकता है। ‘वासुदेव’ का अर्थ वसुदेव का पुत्र या ‘दाशरथि’ का अर्थ दशरथ का पुत्र है-यह बताना व्याकरण का
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Feb 21, 20252 min read
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण परिभाशत एवं तकनीक शब्द
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण परिभाशत एवं तकनीक शब्द 1. शब्द और अर्थ में सम्बन्ध एक या एक से अधिक अक्षरों के सार्थक योग को ‘शब्द’ कहते हैं; जैसे-आ, न, कर, पैसा, घण्टी, रोना, प्रेम आदि। शब्द के दो प्रकार हैं-सार्थक और निरर्थक। भाषा में जिन शब्दों का अर्थ स्पष्ट है अथवा कोश में जिनका अर्थ दिया गया है, वे शब्द सार्थक होते हैं। किन्तु, जिन शब्दों के अर्थ अपनी भाषा में नहीं होते, वे निरर्थक कहलाते हैं; जैसे-रोटी-वोटी, आमने-सामने, चाय-वाय-यहाँ ‘रोटी’, ‘सामने’ और ‘चाय’ शब्द स
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Feb 21, 20252 min read


Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण वाक्य और उपवाक्य
Bihar Board Class 12th Hindi व्याकरण वाक्य और उपवाक्य वाक्य मनुष्य के विचारों को पूर्णता से प्रकट करनेवाले पदसमूह को वाक्य कहते हैं। वाक्य सार्थक शब्दों का व्यवस्थित रूप है। यदि शब्द भाषा की प्रारम्भिक अवस्था है, तो वाक्य, उसका विकास। सभ्यता के विकास के साथ ही वाक्यों के विकास की वृद्धि होती गई, क्योंकि मनुष्य के भाव या विचार की पूर्ण अभिव्यक्ति वाक्यों में ही होती है। शब्द तो साधन है, जो वाक्य की संरचना में सहायक होते हैं। वाक्य वह सार्थक ध्वनि है, जिसके माध्यम से लेखक लिखकर
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Feb 21, 202515 min read
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